Category: Hindi Poetry

  • Ye raat kab tk dhalegi

    ye raat kb tk dhalegi,tu yaad kb tk rahegi, gaano me se kb tu hogi fanaa,Kaano me goonjte hai jo jhoote lafz kb tk girau inhe zameen pr mai aansuo ki zubaan? karwat lete waqt tu kyu satati hai har dafa pehli baar si tu mujhe yaad aati hai aye khuda, maana ki musalsal ki…

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  • जो मेरे सारे राज़ की एक किताब थी ,

    जो मेरे सारे राज़ की एक किताब थी , उसने कहा मेरी मोह्हबत बेहिसाब थी , जो मेरे हर वक़्त की साथी है, उसने कहा बस तू इश्क़ करना छोड़ दे , इतना टूट गयी अब यही काफी है , जिंदगी के कुछ पन्ने उसके साथ लिखें थे मैंने , बाकी का उसने ही लिखवाया…

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  • नफरत नहीं , मगर अब मोहब्बत भी कहा है,

    नफरत नहीं , मगर अब मोहब्बत भी कहा है, मिलने की आरज़ू तो है ,मगर अब बात करने की चाहत ही कहा है, साहब, ऐसी मोहब्बत से हमें मोहब्बत ही कहा है, चाहत है, मगर अब मिलने की आस ही कहा है, कहते है प्यार करने से ही प्यार मिलता है, मगर इस मोह्हबत से…

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  • कभी सोचा है

    कभी सोचा है, भाग रहे हो तुम जिसके पीछे, वो मिल गया तो क्या करोगे, जिसकी क़ुरबत से उल्फत है, वो ही मुसलसल ना रहा तो क्या करोगे, क्या होगा अगर, दो तरफा चाहत मे, एक तरफा बेकरारी ही रहे, क्या हुआ अगर वो तुमको उस मुक़ाम पर पंहुचा दे, जहाँ तमन्ना सिर्फ खुद की…

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